मंगलवार, 17 अगस्त 2010
रंधीव की नो बॉल- बिल्ली खायेगी नहीं तो फैलायेगी
श्रीलंका और टीम इंडिया के बीच 16 अगस्त को क्रिकेट का एक अहम मुकाबला हो रहा था… जो मैच टीम इंडिया की झोली से जाता दिख रहा था उस मैच को विरेन्दर सहवाग की तूफानी पारी ने बचा लिया....मैच टीम इंडिया की पकड़ में था....टीम इंडिया जीत की दहलीज तक पहुंच चुकी थी...इस जीत का मजा दोगुना होने वाला था क्योंकि विरेन्दर सहवाग भी अपनी सेंचुरी से महज एक रन की दूरी पर थे...श्रीलंकाई खिलाड़ी भी इस बात को बखूबी जानते थे कि मैच तो पूरी तरह हाथ से निकल ही चुका है अब अगर कुछ रोका जा सकता है तो सहवाग की सेंचुरी....अब इसे डर्टी गेम कहें या फिर सूरज रंधीव की अंजानी गलती...कि अगली बॉल नोबाल पड़ी जिसपर सहवाग ने छक्का जड़कर टीम इंडिया को जीत दिला दी.... श्रीलंकाई चीतों से ऐसी उम्मीद कम ही की जाती है कि वो इस तरह डर्टी गेम खेलेंगे....लेकिन ऐसा हुआ....हर किसी के जहन में केवल एक ही बात थी कि रंदीव ने ऐसा जानबूझकर किया लेकिन इस आखिरी बॉल का सच तो तब सामने आया जब स्टंप माइक के ओडियो को सुना गया....उस ओडियो के मुताबिक संगकारा ने रंधीव को कहा कि “ध्यान रखना अगर वह शॉट मारेगा तो उसे रन मिल जाएगा” इसके बाद अगली ही गेंद पर रंधीव ने नो बॉल डाल दी.... हालांकि संगकारा ने साफ तौर पर नो बॉल डालने के लिए तो नहीं कहा लेकिन उन्होंने इशारे ही इशारे में बहुत कुछ कह दिया था....मैच के बाद श्रीलंकाई कप्तान संगकारा ने कहा कि रंधीव जान बूझकर ऐसा नहीं कर सकता.... सहवाग भी वहीं मैच के बाद सहवाग पर प्रेस कांफ्रेंस में सूरज रंधीव पर जमकर बरसे....लेकिन इसके बाद जब स्टंप माइक के ओडियो को सुना गया तो संगकारा की असलियत सामने आ गई.... इसके बाद श्रीलंकाई बोर्ड के सचिव निशांत रणतुंगा ने भी भारतीय टीम के मैनेजर से फोन करके इस प्रकरण के लिए बोर्ड की ओर से माफी मांगी... श्रीलंकाई बोर्ड ने इस मामले में जांच के आदेश भी दिए.... लेकिन जरा सोचिये कि आखिर ये कैसा जेंटलमैन गेम था जिसमें श्रीलंकाई चीतों ने जैलेसी दिखाई....शायद इसी को कहते हैं कि बिल्ली खायेगी नहीं तो फैलायेगी...इससे बढ़के डर्टी गेम का उदाहरण कोई हो ही नहीं सकता....
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